🌸 "हर सुबह भगवान का आभार व्यक्त करें, क्योंकि हर दिन एक नई शुरुआत है।" 🌟 "सकारात्मक सोच से जीवन में चमत्कार होते हैं।" 🙏 "ईश्वर पर भरोसा रखें, और वह आपको सही रास्ता दिखाएंगे।" 🕉️ "भक्ति और श्रद्धा से भरा जीवन, सच्ची खुशी का मार्ग है।" 🌺 "यहां आपको भक्ति भजन, चालीसा, आरती और आध्यात्मिक कहानियों का संग्रह मिलेगा।" ✨ "हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करें।" 🌼 "मां दुर्गा की आराधना करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।" 📜 "रामायण और महाभारत की कहानियों से प्रेरणा लें।" 🧘 "ध्यान और योग के माध्यम से अपने मन को शांति और आत्मा को आनंद से भरें।" 🔔 "भारतीय त्योहारों की महिमा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझें।"

महावीर स्वामी की आरती (Mahavir Aarti)



जय महावीर प्रभो, स्वामी जय महावीर प्रभो।
कुंडलपुर अवतारी, त्रिशलानंद विभो॥ ॥ ॐ जय.....॥
सिद्धारथ घर जन्मे, वैभव था भारी, स्वामी वैभव था भारी।
बाल ब्रह्मचारी व्रत पाल्यौ तपधारी ॥ ॐ जय.....॥

आतम ज्ञान विरागी, सम दृष्टि धारी।
माया मोह विनाशक, ज्ञान ज्योति जारी ॥ ॐ जय.....॥

जग में पाठ अहिंसा, आपहि विस्तार्यो।
हिंसा पाप मिटाकर, सुधर्म परिचार्यो ॥ ॐ जय.....॥

इह विधि चांदनपुर में अतिशय दरशायौ।
ग्वाल मनोरथ पूर्‌यो दूध गाय पायौ ॥ ॐ जय.....॥

प्राणदान मन्त्री को तुमने प्रभु दीना।
मन्दिर तीन शिखर का, निर्मित है कीना ॥ ॐ जय.....॥

जयपुर नृप भी तेरे, अतिशय के सेवी।
एक ग्राम तिन दीनों, सेवा हित यह भी ॥ ॐ जय.....॥

जो कोई तेरे दर पर, इच्छा कर आवै।
होय मनोरथ पूरण, संकट मिट जावै ॥ ॐ जय.....॥

निशि दिन प्रभु मन्दिर में, जगमग ज्योति जरै।
हरि प्रसाद चरणों में, आनन्द मोद भरै ॥ ॐ जय.....॥

Mahavir Swami Aarti in English 


jay mahaaviir prabho, svaamii jay mahaaviir prabho.
kunḍalapur avataarii, trishalaanand vibho॥ ॥ om jaya.....॥
siddhaarath ghar janme, vaibhav thaa bhaarii, svaamii vaibhav thaa bhaarii.
baal brahmachaarii vrat paalyow tapadhaarii ॥ om jaya.....॥

aatam jñaan viraagii, sam dṛshṭi dhaarii.
maayaa moh vinaashak, jñaan jyoti jaarii ॥ om jaya.....॥

jag men paaṭh ahinsaa, aapahi vistaaryo.
hinsaa paap miṭaakar, sudharm parichaaryo ॥ om jaya.....॥

ih vidhi chaandanapur men atishay darashaayow.
gvaal manorath puur‌yo duudh gaay paayow ॥ om jaya.....॥

praaṇadaan mantrii ko tumane prabhu diinaa.
mandir tiin shikhar kaa, nirmit hai kiinaa ॥ om jaya.....॥

jayapur nṛp bhii tere, atishay ke sevii.
ek graam tin diinon, sevaa hit yah bhii ॥ om jaya.....॥

jo koii tere dar par, ichchhaa kar aavai.
hoy manorath puuraṇ, sankaṭ miṭ jaavai ॥ om jaya.....॥

nishi din prabhu mandir men, jagamag jyoti jarai.
hari prasaad charaṇon men, aanand mod bharai ॥ om jaya.....॥

Mahavir Aarti Video




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