🌸 "हर सुबह भगवान का आभार व्यक्त करें, क्योंकि हर दिन एक नई शुरुआत है।" 🌟 "सकारात्मक सोच से जीवन में चमत्कार होते हैं।" 🙏 "ईश्वर पर भरोसा रखें, और वह आपको सही रास्ता दिखाएंगे।" 🕉️ "भक्ति और श्रद्धा से भरा जीवन, सच्ची खुशी का मार्ग है।" 🌺 "यहां आपको भक्ति भजन, चालीसा, आरती और आध्यात्मिक कहानियों का संग्रह मिलेगा।" ✨ "हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करें।" 🌼 "मां दुर्गा की आराधना करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।" 📜 "रामायण और महाभारत की कहानियों से प्रेरणा लें।" 🧘 "ध्यान और योग के माध्यम से अपने मन को शांति और आत्मा को आनंद से भरें।" 🔔 "भारतीय त्योहारों की महिमा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझें।"

Ramayan Song (Ram Bhajan)

 


मंगल भवन अमंगल हारी
द्रबहु सुदसरथ अचर बिहारी
सीता राम चरित अति पावन
मधुर सरस अरु अति मनभावन
पुनि पुनि कितनेहू सुने सुनाये
हिय की प्यास भुजत न भुजाये
ब्याकुल दशरथ के लगे
रच के पच पर नैन
रच बिहीन बन बन फिरे
राम सिया दिन रैन
विधिना ना तेरे लेख किसी की
समझ ना आते हैं
जन जन के प्रिय राम लखन सिया
वन को जाते हैं
जन जन के प्रिय राम लखन सिया
वन को जाते हैं
हो विधिना ना तेरे लेख किसी की
समझ ना आते हैं
एक राजा के रज दुलरे
वन वन फिरते मारे मारे
एक राजा के रज दुलरे
वन वन फिरते मारे मारे
होनी हो कर रहे करम गति
डरे नहीं क़ाबू के टारे
सबके कस्ट मिटाने वाले
कस्ट उठाते हैं
जन जन के प्रिय राम लखन सिया
वन को जाते हैं
हो विधिना ना तेरे लेख किसी की
समझ ना आते हैं
उभय बीच सिया सोहती कैसे
ब्रह्म जीव बीच माया जैसे
फूलों से चरणों में काँटे
विधिना क्यूँ दुःख दिने ऐसे
पग से बहे लहू की धारा
हरी चरणों से गंगा जैसे
संकट सहज भाव से सहते
और मुसकते हैं
जन जन के प्रिय राम लखन सिया
वन को जाते हैं
हो विधिना ना तेरे लेख किसी की
समझ ना आते हैं
हो विधिना ना तेरे लेख किसी की
समझ ना आते हैं
जन जन के प्रिय राम लखन सिय
वन को जाते हैं
जन जन के प्रिय राम लखन सिया
वन को जाते हैं


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