कन्निका परमेश्वरी गायत्री मंत्र
(Kannika Parameshwari Gayatri Mantra)
” ओम बाला-रूपिणी विद्महे,
श्री परमेश्वरी धीमहि,
थन्नो कन्या प्रचोदयाथ “
” oma baalaa-ruupiṇii vidmahe,
shrii parameshvarii dhiimahi,
thanno kanyaa prachodayaatha “
कन्निका परमेश्वरी के अन्य मंत्र
“ओम, ह्रीं, श्रीं, क्लीं, आईं, ग्लौं, वं।
श्री वासवि कन्याके मह्यं
सर्व सौभाग्यं देहि देहि स्वाहा।”
कन्निका परमेश्वरी देवी कौन है?
कुछ कथाओं के अनुसार आज के आंध्रप्रदेश में लगभग ११वी शताब्दी में विष्णुवर्धन नामक एक चालुक्य राजा शासन करता था जो बहुत ही शक्तिशाली था। इसी समय कुसुमा श्रेष्ठि नाम का एक वैश्य विष्णुवर्धन राजा के आधीन पंडुगोडा में निवास करता था। कुसुमा की बुद्धि से प्रशन्न होकर राजा उसके साथ सरदार जैसा व्यवहार करने लगे। कुसुमा के संतान नहीं होने के कारण वे भगवान शिव से प्रार्थना करने लगे जिससे भगवान ने उन्हें संतान के रूप में एक पुत्र और पुत्री दिया।
पुत्री का नाम वासवी था जो बड़ी होकर बहुत ही सुंदर दिखने लगी जिसे देखकर राजा ने वासवी से विवाह करने का मन बना लिया था। इस शादी का विरोध वासवी के माता पिता ने किया लेकिन राजा ने जबरदस्ती वासवी से विवाह करना चाहा। अपने शादी वाले दिन दुल्हन के रूप ने वासवी ने शादी करने बजाये अग्नि में कूदकर अपने जीवन का समापन कर दिया।
वासुकी की मृत्यु के बाद वासवी की आत्मा को पांडुगोडा उसी के गांव में पवित्र किया गया। इसके बाद सभी लोग वासवी को देवी के समान पूजने लगे और धीरे-धीरे कन्निका परमेश्वरी के नाम से प्रसिद्ध हो गयी।
कन्निका परमेश्वरी गायत्री मंत्र का अर्थ
हे बालरूपी देवी, हे परमेश्वरी, हमें ज्ञान प्रदान कीजिये। हे कन्या, हमें प्रेरणा प्रदान कीजिये।
कन्निका परमेश्वरी गायत्री मंत्र सामग्री और विधि
सामग्री: माला: 108 मोतियों की माला का उपयोग करें।
जप माला: जिससे मंत्र की गणना करने में आसानी हो।
पूजा सामग्री: जल, फूल, चन्दन, कुंकुम धूप, दीप, नैवेद्य (फल और मिठाई) आदि।
शुद्धि: शुद्ध रहने के लिए स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
आसन: मंत्र का जाप करने के लिए अपनी सुविधा के अनुसार आसन का प्रयोग करें।
मंत्र जाप: अपनी आँखें बंद करें और माँ कन्निका परमेश्वरी का ध्यान करें। मंत्र का जाप 108 बार करें।
माला का उपयोग: मंत्र का जाप करते समय माला का उपयोग करें। हर बार मंत्र को एक मोती पर पढ़ें और माला को आगे बढ़ाएं।
ध्यान: मंत्र जाप के दौरान माँ कन्निका परमेश्वरी का ध्यान करें। आत्मा की शुद्धि और माँ कन्निका से आशीर्वाद प्राप्त करने का उद्देश्य रखें।
समापन: मंत्र जाप के बाद, माँ कन्निका परमेश्वरी की आराधना करें और आशीर्वाद मांगें। धन्यवाद अर्पित करें और शांति से अपनी साधना समाप्त करें।
कन्निका परमेश्वरी गायत्री मंत्र के लाभ
महिलाओं की शुद्धता और पवित्रता की रक्षा: कन्निका परमेश्वरी को कुमारी शक्ति के रूप में जाना जाता है, इसलिए उनका यह मंत्र महिलाओं की शुद्धता और पवित्रता की रक्षा करता है। यह मंत्र महिलाओं के आचरण और विचारों को शुद्ध बनाने में सहायता करता है।
मासिक धर्म के दर्द और अन्य समस्याओं को दूर करना: कन्निका परमेश्वरी गायत्री मंत्र का जाप मासिक धर्म के दर्द और अन्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह मंत्र महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद करता है।
ज्ञान और बुद्धि: कन्निका परमेश्वरी गायत्री मंत्र का जाप ज्ञान और बुद्धि प्रदान करता है। यह मंत्र छात्रों को अपने अध्ययन में सफल होने में सहायता प्रदान करता है।
भक्ति और समर्पण : कन्निका परमेश्वरी गायत्री मंत्र का जाप भक्ति और समर्पण की भावना को बढ़ाता है। यह मंत्र लोगों को देवी कन्निका परमेश्वरी के प्रति अधिक समर्पित बनने में मदद करता है।
