🌸 "हर सुबह भगवान का आभार व्यक्त करें, क्योंकि हर दिन एक नई शुरुआत है।" 🌟 "सकारात्मक सोच से जीवन में चमत्कार होते हैं।" 🙏 "ईश्वर पर भरोसा रखें, और वह आपको सही रास्ता दिखाएंगे।" 🕉️ "भक्ति और श्रद्धा से भरा जीवन, सच्ची खुशी का मार्ग है।" 🌺 "यहां आपको भक्ति भजन, चालीसा, आरती और आध्यात्मिक कहानियों का संग्रह मिलेगा।" ✨ "हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करें।" 🌼 "मां दुर्गा की आराधना करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।" 📜 "रामायण और महाभारत की कहानियों से प्रेरणा लें।" 🧘 "ध्यान और योग के माध्यम से अपने मन को शांति और आत्मा को आनंद से भरें।" 🔔 "भारतीय त्योहारों की महिमा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझें।"

मातृभक्ति का आवहान (maatṛ bhakti ka aavahaana Lyrics)


आज देश को देश-भक्ति का जन-जन में आधार चाहिए|
जिए देश हित, मरे देश हित जन-मन में संस्कार चाहिए ||
हम भूले हैं गत वैभव को,
जगत गुरु थी भारत माता |
ज्ञान भूमि थी ध्यान भूमि थी,
स्वर्ण भूमि थी जग की त्राता ||

आज उन्ही वीरों की भू को गान्डीय टंकार चाहिए |
जिये देश हित, मरे देश हित, जन-जन को संस्कार चाहिए ||
जाति, प्रान्त, भाषा भेदों के-
भेद बेध रहे हैं हम को |
मातृभूमि के पुत्र एक हम-
भूले खेद नही हैं हमको ||

शबरी, केवट, राम सरीखा आज हमे वह प्यार चाहिए |
जिये देश हित, मरे देश हित जन-जन संस्कार चाहिए ||
‘स्व’ विस्मृत कर जूठन की-
भाषा-भूषा को अपनाया |
भाव, विचार उत्पाद विदेशी-
बे शर्मी से गले लगाया ||

पूर्ण स्वदेशी भाव जगाकर, स्वाभिमान हुंकार चाहिए |
जिये देश हित, मरे देश हित जन-जन में संस्कार चाहिए ||

Maatṛ Bhakti ka Aavahaana Lyrics in English

aaj desh ko desh-bhakti kaa jan-jan men aadhaar chaahie.

jie desh hit, mare desh hit jan-man men samskaar chaahie ..
ham bhuule hain gat vaibhav ko,
jagat guru thii bhaarat maataa .
jñaan bhuumi thii dhyaan bhuumi thii,
svarṇ bhuumi thii jag kii traataa ..
aaj unhii viiron kii bhuu ko gaanḍiiy ṭankaar chaahie .
jiye desh hit, mare desh hit, jan-jan ko samskaar chaahie ..
jaati, praant, bhaashaa bhedon ke-
bhed bedh rahe hain ham ko .
maatṛbhuumi ke putr ek ham-
bhuule khed nahii hain hamako ..
shabarii, kevaṭ, raam sariikhaa aaj hame vah pyaar chaahie .
jiye desh hit, mare desh hit jan-jan samskaar chaahie ..
‘sva’ vismṛt kar juuṭhan kii-
bhaashaa-bhuushaa ko apanaayaa .
bhaav, vichaar utpaad videshii-
be sharmii se gale lagaayaa ..
puurṇ svadeshii bhaav jagaakar, svaabhimaan hunkaar chaahie .
jiye desh hit, mare desh hit jan-jan men samskaar chaahie ..
« PREV
NEXT »

Follow