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श्री गणपति द्वादश नाम स्तोत्रम् | Ganpati 12 Naam Stotra Hindi Meaning & Benefit

श्री गणपति द्वादश नाम स्तोत्रम् भगवान गणेश जी की सुंदर छवि

श्री गणपति द्वादश नाम स्तोत्रम्

जो भी व्यक्ति श्रद्धाभक्ति पूर्वक इनका ध्यान करता है वह चारों पुरुषार्थों का पालन करते हुए समस्त पापों से मुक्त होकर सुख प्राप्त करता है। साधक अपनी सुविधानुसार किसी भी स्तोत्र का पठन अथवा श्रवण कर सकता है।

|| अथ श्री गणपति द्वादश नाम स्तोत्रम् ||

सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः |
लम्बोदरश्च विकटो विघ्ननाशो विनायकः ||

धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः |
द्वादशैतानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि ||

विद्यारम्भे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा |
संग्रामे संकटे चैव विघ्नस्तस्य न जायते ||

|| अथ श्री गणेशस्तोत्रम् ||

नारद उवाच
प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् |
भक्तावासं स्मरेन्नित्यमायुःकामार्थसिद्धये ||

प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं दि्वतीयकम् |
तृतीयं कृष्णपिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम् ||

लम्बोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च |
सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्णं तथाष्टमम् ||

नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम् |
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम् ||

द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः |
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ||

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् |
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम् ||

जपेद् गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासैः फलं लभेत् |
संवत्सरेण च संसिद्धिं लभते नात्र संशयः ||

अष्टभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा यः समर्पयेत् |
तस्य विद्या भवेत् सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ||

यह स्तोत्र क्यों पढ़ें?

वक्रतुण्ड, एकदन्त, कृष्णपिंगाक्ष, गजवक्त्रं, लम्बोदर, विकट, विघ्नराज, धूम्रवर्ण, भालचन्द्र, विनायक, गणपति और गजानन – भगवान् गणेश के इन बारह नामों का जो व्यक्ति श्रद्धापूर्वक पठन और श्रवण करता है उसकी समस्त कामनाएँ पूर्ण होती हैं।

FAQ

Q: इस स्तोत्र को कब पढ़ा जाना चाहिए?
इस स्तोत्र का पठन या श्रवण विद्यारम्भ, विवाह, गृह प्रवेश, यात्रा, संग्राम या किसी भी संकट के समय किया जा सकता है। यह शुभ फलदायक होता है।
Q: क्या यह स्तोत्र हर रोज़ पढ़ा जा सकता है?
जी हां, इसे हर दिन पढ़ा जा सकता है। यह भगवान गणेश की कृपा पाने और जीवन में सफलता प्राप्त करने का उत्तम माध्यम है।
Q: क्या इसे पढ़ने का विशेष समय है?
इसे सुबह के समय पढ़ना सबसे शुभ माना जाता है, लेकिन आप इसे दिन में किसी भी समय पढ़ सकते हैं।
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