🌸 "हर सुबह भगवान का आभार व्यक्त करें, क्योंकि हर दिन एक नई शुरुआत है।" 🌟 "सकारात्मक सोच से जीवन में चमत्कार होते हैं।" 🙏 "ईश्वर पर भरोसा रखें, और वह आपको सही रास्ता दिखाएंगे।" 🕉️ "भक्ति और श्रद्धा से भरा जीवन, सच्ची खुशी का मार्ग है।" 🌺 "यहां आपको भक्ति भजन, चालीसा, आरती और आध्यात्मिक कहानियों का संग्रह मिलेगा।" ✨ "हनुमान चालीसा का पाठ करें और भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करें।" 🌼 "मां दुर्गा की आराधना करें और अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं।" 📜 "रामायण और महाभारत की कहानियों से प्रेरणा लें।" 🧘 "ध्यान और योग के माध्यम से अपने मन को शांति और आत्मा को आनंद से भरें।" 🔔 "भारतीय त्योहारों की महिमा और उनके आध्यात्मिक महत्व को समझें।"

काल भैरव अष्टकम | Kalbhairav Ashtakam Lyrics Lord Shiva Stotra

 


काल भैरव अष्टकम | Kalbhairav Ashtakam Lyrics with Hindi Meaning

काल भैरव अष्टकम भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव की स्तुति में लिखा गया एक शक्तिशाली स्तोत्र है। इसकी रचना आदि शंकराचार्य ने की थी। इस स्तोत्र का पाठ करने से भय, संकट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।


काल भैरव अष्टकम | Kalbhairav Ashtakam Lyrics

काल भैरव अष्टकम भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव की स्तुति में लिखा गया एक शक्तिशाली स्तोत्र है।

काल भैरव अष्टकम

देवराजसेव्यमानपावनांग्घ्रिपंकजं
व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।
नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगंबरं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥

भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं
नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम्।
कालकालमम्बुजाक्षमक्षशूलमक्षरं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥

शूलटंकपाशदण्डपाणिमादिकारणं
श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम्।
भीमविक्रमं प्रभुं विचित्रताण्डवप्रियं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥

भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं
भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम्।
विनिक्वणन्मनोञ्ज्ञहेमकिङ्किणीलसत्कटिं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥

धर्मसेतुपालकं त्वधर्ममार्गनाशकं
कर्मपाशमोचकं सुशर्मदायकं विभुम्।
स्वर्णवर्णशेषपाशशोभिताङ्गमण्डलं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥

रत्नपादुकाप्रभाभिरामपादयुग्मकं
नित्यमद्वितीयमिष्टदैवतं निरंजनम्।
मृत्युदर्पनाशनं करालदंष्ट्रमोक्षणं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥

अट्टहासभिन्नपद्मजाण्डकोशसंततिं
दृष्टिपातनष्टपापजालमुग्रशासनम्।
अष्टसिद्धिदायकं कपालमालिकाधरं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥

भूतसंघनायकं विशालकीर्तिदायकं
काशिवासलोकपुण्यपापशोधकं विभुम्।
नीतिमार्गकोविदं पुरातनं जगत्पतिं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥


काल भैरव अष्टकम पाठ के लाभ

  • जीवन से भय और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
  • शत्रुओं और बाधाओं से रक्षा होती है।
  • कठिन समस्याओं का समाधान मिलता है।
  • मानसिक शांति और साहस बढ़ता है।
  • भगवान शिव और काल भैरव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

काल भैरव अष्टकम पढ़ने का सही समय

  • प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त
  • रात्रि के समय
  • रविवार और मंगलवार
  • काल भैरव जयंती
  • महाशिवरात्रि

काल भैरव अष्टकम पाठ के नियम

  • स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें
  • भगवान शिव या काल भैरव की प्रतिमा के सामने दीप जलाएं
  • पूरे मन और श्रद्धा से पाठ करें
  • संभव हो तो प्रतिदिन या सप्ताह में एक बार करें

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

काल भैरव अष्टकम किसने लिखा?

काल भैरव अष्टकम की रचना आदि शंकराचार्य ने की थी।

काल भैरव अष्टकम पढ़ने से क्या लाभ होता है?

इसका पाठ करने से भय दूर होता है, नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और भगवान काल भैरव की कृपा प्राप्त होती है।

काल भैरव अष्टकम कब पढ़ना चाहिए?

इसका पाठ सुबह या रात में किया जा सकता है, विशेष रूप से रविवार और मंगलवार को।

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