🌞 Start Your Day with Gratitude ✨ | 🕉️ Meditation Brings Inner Peace 🙏 | 🌟 Trust the Divine Plan 💫 | 📖 Explore Spiritual Wisdom 🔱 | ❤️ Stay Positive & Blessed Always 🌸

लिंगाष्टकम् स्तोत्र हिंदी में | Lingashtakam Lyrics, Meaning, Benefits और पढ़ने का सही समय

🕉️ लिंगाष्टकम् स्तोत्र (Lingashtakam) – अर्थ, लाभ और सही समय

लिंगाष्टकम् भगवान शिव की महिमा का एक अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इस स्तोत्र का पाठ करने से पापों का नाश होता है और भक्त को भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

📜 लिंगाष्टकम् स्तोत्र

श्लोक 1

ब्रह्ममुरारि सुरार्चित लिंगं
निर्मलभासित शोभित लिंगम् ।
जन्मज दुःख विनाशक लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥1॥
अर्थ:
यह शिवलिंग ब्रह्मा, विष्णु और देवताओं द्वारा पूजित है। यह निर्मल और प्रकाशमान है तथा जन्म से जुड़े दुखों का नाश करता है।
श्लोक 2

देवमुनि प्रवरार्चित लिंगं
कामदहन करुणाकर लिंगम् ।
रावण दर्प विनाशन लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥2॥
अर्थ:
देवता और ऋषि जिनकी पूजा करते हैं, जो कामदेव को भस्म करने वाले और रावण के अहंकार का नाश करने वाले हैं।
श्लोक 3

सर्वसुगन्ध सुलेपित लिंगं
बुद्धि विवर्धन कारण लिंगम् ।
सिद्ध सुरासुर वंदित लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥3॥
अर्थ:
यह शिवलिंग सुगंधित चंदन से पूजित है और बुद्धि को बढ़ाने वाला है।
श्लोक 4

कनक महामणि भूषित लिंगं
फणिपति वेष्टित शोभित लिंगम् ।
दक्ष सुयज्ञ विनाशन लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥4॥
अर्थ:
सोने और रत्नों से सुशोभित तथा सर्प से अलंकृत यह शिवलिंग दक्ष के यज्ञ का विनाश करने वाला है।
श्लोक 5

कुंकुम चंदन लेपित लिंगं
पंकज हार सुशोभित लिंगम् ।
संचित पाप विनाशन लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥5॥
अर्थ:
कुमकुम और चंदन से सुशोभित यह शिवलिंग संचित पापों का नाश करता है।
श्लोक 6

देवगणार्चित सेवित लिंगं
भावैर्भक्तिभिरेव च लिंगम् ।
दिनकर कोटि प्रभाकर लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥6॥
अर्थ:
देवताओं द्वारा पूजित और करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी यह शिवलिंग भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होता है।
श्लोक 7

अष्टदलोपरी वेष्टित लिंगं
सर्वसमुद्भव कारण लिंगम् ।
अष्टदरिद्र विनाशन लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥7॥
अर्थ:
यह शिवलिंग सृष्टि का कारण है और आठ प्रकार की दरिद्रता को दूर करता है।
श्लोक 8

सुरगुरु सुरवर पूजित लिंगं
सुरवन पुष्प सदार्चित लिंगम् ।
परात्परं परमात्मक लिंगं
तत् प्रणमामि सदाशिव लिंगम् ॥8॥
अर्थ:
देवगुरु और श्रेष्ठ देवताओं द्वारा पूजित यह शिवलिंग परमात्मा का स्वरूप है।

🌸 लिंगाष्टकम् के लाभ

✔ पापों का नाश होता है
✔ मानसिक शांति मिलती है
✔ धन और समृद्धि आती है
✔ शिव कृपा प्राप्त होती है
✔ नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है

⏰ लिंगाष्टकम् पढ़ने का सही समय

🕉️ सुबह ब्रह्म मुहूर्त में
🕉️ सोमवार के दिन
🕉️ महाशिवरात्रि
🕉️ श्रावण मास

❓ FAQ (Frequently Asked Questions)

Q1: लिंगाष्टकम् किसने लिखा?
आदि शंकराचार्य ने।

Q2: लिंगाष्टकम् पढ़ने से क्या लाभ होता है?
इससे पाप नष्ट होते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

Q3: क्या इसे रोज पढ़ सकते हैं?
हाँ, रोज पढ़ना बहुत शुभ माना जाता है।
« PREV
NEXT »

Follow