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Shiv Manas Puja Stotram – Lyrics, Meaning, Benefits & Puja Time


🕉️ शिव मानस पूजा स्तोत्र 

सम्पूर्ण पाठ, अर्थ, लाभ और सही समय


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📖 परिचय

शिव मानस पूजा स्तोत्र आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक दिव्य स्तोत्र है।
इसमें भक्त अपने मन (मानस) से भगवान शिव की पूजा करता है — बिना किसी बाहरी सामग्री के।


🔱 शिव मानस पूजा स्तोत्र (Sanskrit)

1. रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्यांबरं
नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम्।
जातीचम्पकबिल्वपत्ररचितं पुष्पं च धूपं तथा
दीपं देव दयानिधे पशुपते हृत्कल्पितं गृह्यताम्॥

2. सौवर्णे नव रत्नखण्डरचिते पात्रे घृतं पायसं
भक्ष्यं पञ्चविधं पयोदधियुतं रम्भाफलं पानकम्।
शाकानामयुतं जलं रुचिकरं कर्पूरखण्डोज्ज्वलं
ताम्बूलं मनसा मया विरचितं भक्त्या प्रभो स्वीकुरु॥

3. छत्रं चामरयोर्युगं व्यजनकं चादर्शकं निर्मलं
वीणाभेरिमृदंगकाहलकला गीतं च नृत्यं तथा।
साष्टांगं प्रणतिः स्तुतिर्बहुविधा ह्येतत्समस्तं मया
संकल्पेन समर्पितं तव विभो पूजां गृहाण प्रभो॥

4. आत्मा त्वं गिरिजा मतिः सहचरा प्राणाः शरीरं गृहं
पूजा ते विषयोपभोगरचना निद्रा समाधिस्थितिः।
संचारः पदयोः प्रदक्षिणविधिः स्तोत्राणि सर्वा गिरो
यद्यत्कर्म करोमि तत् तदखिलं शम्भो तवाराधनम्॥


🪔 अर्थ (Meaning)

  • इस स्तोत्र में भक्त अपने मन से भगवान शिव को आसन, स्नान, वस्त्र, पुष्प और भोग अर्पित करता है।
  • यह सिखाता है कि सच्ची भक्ति मन से होती है, बाहरी वस्तुओं से नहीं।
  • अंत में भक्त कहता है कि उसके जीवन का हर कार्य भगवान शिव की पूजा है।


🌟 लाभ (Benefits)

  • 🔱 भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है
  • 🧘 मन की शांति और ध्यान में वृद्धि
  • 💫 नकारात्मक ऊर्जा का नाश
  • 🙏 भक्ति और आध्यात्मिक उन्नति
  • 🕉️ हर कार्य पूजा के समान बन जाता है


⏰ पाठ करने का सही समय

  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त
  • ध्यान (Meditation) के समय
  • सोमवार के दिन
  • सावन और महाशिवरात्रि


❓ FAQ (SEO Friendly)

1. शिव मानस पूजा स्तोत्र क्या है?

यह एक ऐसा स्तोत्र है जिसमें मन से भगवान शिव की पूजा की जाती है।

2. इसे किसने लिखा?

इसे आदि शंकराचार्य ने रचा था।

3. इसे पढ़ने से क्या लाभ होता है?

मन की शांति, शिव कृपा और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

4. क्या बिना सामग्री के पूजा हो सकती है?

हाँ, यह स्तोत्र सिखाता है कि मन से पूजा करना सबसे श्रेष्ठ है।

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